Posts

Showing posts from June, 2026

सीता का पूर्व जन्म

Image
वेदवती की कहानी रामायण के उत्तर कांड में वर्णित है। वे माँ सीता का पूर्व जन्म मानी जाती हैं। उनकी कहानी त्याग, तपस्या और प्रतिशोध की एक अद्भुत गाथा है। 1. जन्म और पृष्ठभूमि वेदवती ब्रह्मर्षि कुशध्वज की पुत्री थीं। उनका नाम 'वेदवती' इसलिए पड़ा क्योंकि वे जन्म के समय ही वेदों का पाठ कर रही थीं। उनके पिता चाहते थे कि उनकी पुत्री का विवाह केवल भगवान विष्णु से हो, क्योंकि वे उन्हें ही साक्षात लक्ष्मी का रूप मानते थे। 2. कठोर तपस्या वेदवती के पिता की हत्या एक दैत्य (शंभु) ने कर दी थी। अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए, वेदवती ने सांसारिक मोह त्याग दिया और भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए हिमालय में घोर तपस्या करने लगीं। वे जटाधारी बन गईं और केवल तप में लीन रहने लगीं। 3. रावण से सामना एक दिन लंकापति रावण वहां से गुजर रहा था। तपस्या में लीन वेदवती के अनुपम सौंदर्य को देखकर वह उन पर मोहित हो गया। रावण ने उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा और उनके तप का उपहास उड़ाया। जब वेदवती ने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया, तो अहंकारी रावण ने बलपूर्वक उनके बाल पकड़ लिए और उनके साथ...