1000. गरुड़ पुराण || पाँचवां अध्याय || सारोद्धार में “पापचिह्ननिरुपण”
गरुड़ पुराण अध्याय 5 परम आवश्यक कथा 🌹किन किन कर्म को करने से कौन-कौन सी योनि प्राप्त होती हैं🌹👏👏👏बिल्कुल भी नही करे भजन करें या ना करें यह काम बिल्कुल ना करें गरुड़ उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे केशव ! जिस-जिस पाप से जो-जो चिह्न प्राप्त होते हैं और जिन-जिन योनियों में जीव जाते हैं, वह मुझे बताइए। श्रीभगवानुवाच श्रीभगवान ने कहा – नरक से आये हुए पापी जिन पापों के द्वारा जिस योनि में आते हैं और जिस पाप से जो चिह्न होता है, वह मुझसे सुनो। ब्रह्महत्यारा क्षय रोगी होता है, गाय की हत्या करने वाला मूर्ख और कुबड़ा होता है। कन्या की हत्या करने वाला कोढ़ी होता है और ये तीनों पापी चाण्डाल योनि प्राप्त करते हैं। स्त्री की हत्या करने वाला तथा गर्भपात कराने वाला पुलिन्द (भिल्ल) होकर रोगी होता है। परस्त्रीगमन करने वाला नपुंसक और गुरु पत्नी के साथ व्यभिचार करने वाला चर्म रोगी होता है। मांस का भोजन करने वाले का अंग अत्यन्त लाल होता है, मद्य पीने वाले के दाँत काले होते हैं, लालचवश अभक्ष्य भक्षण करने वाले ब्राह्मण को महोदर रोग होता है। जो दूसरे को दिये बिना मि...