64 योगिनीयाँ
🙏श्री रुद्रयामले उत्तरतन्त्र महातन्त्रोद्दीपन के षट् चक्र प्रकाश सिद्धि मन्त्र प्रकरण के अन्तर्गत भैरव भैरवी संवाद भेदिन्यादिस्तोत्रं नाम एकत्रिंशः (ईकत्तीसवे ) पटल के अलावा चौसठ योगिनी का उल्लेख पुराणों भी मिलता है , जिनकी अलग अलग उत्पत्तियाँ मानी गई है . . . 🙏इनको माँ आदिशक्ति काली का अवतार बताया है । 🙏बताया जाता है किं घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता रानी ने ये 64अवतार लिए थे । 🙏यह भी माना जाता है कि ये समस्त 64 योगिनिया माता पर्वती की सखियां हैं । 🫵ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार ये 64 योगिनीयाँ श्रीकृष्ण की नासिका रध्रं से प्रकट हुईं हैं 👍चौसठ योगिनियों की पूजा करने से समस्त देवियों की पूजा हो जाती है । 💥इन चौंसठ देवियों में दस महाविद्याओं और सिद्ध विद्याओं की भी गणना की जाती है । 🙏ये सभी आद्या शक्ति काली के ही भिन्न-भिन्न अवतार रूप ही हैं । 👉कुछ तांत्रिक विद्वानो का मत हैं कि समस्त योगिनियों का संबंध मुख्यतः काली कुल से हैं और ये सभी तंत्र तथा योग विद्या से घनिष्ठ सम्बन्ध रखती हैं । 🙏इनकी पूजा वामाचार और दक्षिणाचार दोनों प्रकार...